हिमाचल में दो भाइयों ने रचाई अनोखी शादी: न फेरों का दौर, न पंडित; संविधान की ली शपथ
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में हुई दो भाइयों की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के नैनीधार इलाके के कलोग गांव के रहने वाले सुनील कुमार और विनोद कुमार ने बिना पंडित और सात फेरों के विवाह किया। दोनों ने भारत के संविधान को साक्षी मानते हुए शपथ लेकर शादी रचाई।
इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि शादी के कार्ड पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा बुद्ध की तस्वीरें छापी गईं। दोनों भाई सरकारी नौकरी करते हैं। सुनील कुमार का विवाह कटाड़ी गांव की रितु, जबकि विनोद कुमार का विवाह नया गांव की रीना से हुआ। हालांकि इस विवाह में धार्मिक कर्मकांड नहीं हुए, लेकिन स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन किया गया। 25 अक्टूबर को परंपरा के अनुसार मामा का स्वागत समारोह हुआ, जिसमें करीब 400 मेहमान शामिल हुए। अगले दिन सुबह 8 बजे दोनों की बारातें रवाना हुईं और शाम तक दुल्हनें कलोग गांव पहुंचीं। घर लौटने पर दोनों भाइयों ने संविधान की शपथ ली, जिसमें करीब 650 मेहमानों ने भाग लिया।
दोनों भाइयों ने बताया कि वे डॉ. अंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, “विवाह दो दिलों का मिलन है, इसके लिए धार्मिक कर्मकांड जरूरी नहीं।” इस विचार से दुल्हनों और उनके परिवारों ने भी सहमति जताई।
हालांकित्र में इससे पहले भी एक अनोखी शादी सुर्खियों में रही थी, जब दो सगे भाइयों प्रदीप और कपिल नेगी ने एक ही लड़की सुनीता चौहान से विवाह किया था।।
इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि शादी के कार्ड पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा बुद्ध की तस्वीरें छापी गईं। दोनों भाई सरकारी नौकरी करते हैं। सुनील कुमार का विवाह कटाड़ी गांव की रितु, जबकि विनोद कुमार का विवाह नया गांव की रीना से हुआ। हालांकि इस विवाह में धार्मिक कर्मकांड नहीं हुए, लेकिन स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन किया गया। 25 अक्टूबर को परंपरा के अनुसार मामा का स्वागत समारोह हुआ, जिसमें करीब 400 मेहमान शामिल हुए। अगले दिन सुबह 8 बजे दोनों की बारातें रवाना हुईं और शाम तक दुल्हनें कलोग गांव पहुंचीं। घर लौटने पर दोनों भाइयों ने संविधान की शपथ ली, जिसमें करीब 650 मेहमानों ने भाग लिया।
दोनों भाइयों ने बताया कि वे डॉ. अंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, “विवाह दो दिलों का मिलन है, इसके लिए धार्मिक कर्मकांड जरूरी नहीं।” इस विचार से दुल्हनों और उनके परिवारों ने भी सहमति जताई।
हालांकित्र में इससे पहले भी एक अनोखी शादी सुर्खियों में रही थी, जब दो सगे भाइयों प्रदीप और कपिल नेगी ने एक ही लड़की सुनीता चौहान से विवाह किया था।।