विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दक्षिण कोरिया में आयोजित जेजू फोरम में वैश्विक चुनौतियों के बीच मज़बूत सहयोग का किया आह्वान 

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दक्षिण कोरिया में आयोजित जेजू फोरम में वैश्विक चुनौतियों के बीच मज़बूत सहयोग का किया आह्वान 

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ रही है और सोशल मीडिया के दौर के हिसाब से राजनीति हो रही है। दक्षिण कोरिया में 'जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी 2026' को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि अलग-अलग पहचान या मतभेदों को जाहिर करने की प्रवृत्ति बढ़ी है और क्षमताओं का इस्तेमाल भी कम हिचकिचाहट के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी तरक्की खुद ऐसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रही है।

मंत्री ने कहा कि कोविड-19, आतंकवाद या मौसम की चरम घटनाओं जैसे खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि प्रभावशाली देशों के बीच नई समझ और करीबी रिश्ते बनाने से वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करने और खास एजेंडे पर सहयोग के जरिए मुद्दों और समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी। मंत्री ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच जहाज निर्माण, डिजिटल, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और रक्षा जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक बनने की संभावनाएं हैं।

डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए और अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने एक अधिक सहयोगी वैश्विक व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए भारत की पुरानी सोच "वसुधैव कुटुंबकम" (दुनिया एक परिवार है) को मार्गदर्शक सिद्धांत के तौर पर पेश किया।