ग्लोबल वार्मिंग ने बदला मौसम का पैटर्न, तप रहे पंजाब-चंडीगढ़

ग्लोबल वार्मिंग ने बदला मौसम का पैटर्न, तप रहे पंजाब-चंडीगढ़

पंजाब और चंडीगढ़ तप रहे हैं। पंजाब में पारा 50 डिग्री को छूने वाला है वहीं चंडीगढ़ में तापमान 44 डिग्री के पार जा चुका है। भीषण गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों ने गर्मी से बचने के उपाय भी बताए। भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्लीन एयर पंजाब और संस्था असर की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में मौसम वैज्ञानिकों ने मानसून, क्लाउड सीडिंग से लेकर तमाम मुद्दों पर बात की। कहा कि ग्लोबल वार्मिंग ने मौसम का पैटर्न बदल दिया है। हमारी रोजमर्रा की आदतें, पराली जलाने, दुनिया में चल रहे युद्ध आदि ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रहे हैं।

सबसे बड़ा कारण ग्लोबल वार्मिंग है। बीते कुछ सालों में प्रकृति के साथ किए गए छेड़छाड़ का नतीजा देखने को मिल रहा है। ग्रीन हाउसेज गैसों के बढ़ने से एक्सट्रीम वेदर कंडीशन बढ़ते जा रहे हैं। पिछले साल जुलाई महीने में हुई अत्यधिक बारिश हो या अब भीषण गर्मी, यह सब इसके ही नतीजे हैं। चंडीगढ़ में बारिश दो ही कारणों से होती है। पहला मानसून और दूसरा पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस)। मानसून आने में अभी एक महीने का समय है। पश्चिमी विक्षोभ की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती। सिर्फ मॉनिटर किया जा सकता है। अभी कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बनता नजर नहीं आ रहा है इसलिए अगले पांच-छह दिनों में बारिश की संभावना नहीं है। अगले दो दिन भीषण गर्मी पड़ेगी। उसके बाद तापमान में एक-दो डिग्री की गिरावट आएगी लेकिन पारा 40 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा। लोगों को फिलहाल गर्मी झेलनी होगी। सुबह दस से लेकर शाम चार बजे के बीच सीधे धूप में जाने से बचें। घर पर रहें। बाहर जाना मजबूरी है तो अपने साथ पानी की बोतल रखें। दही, नींबू पानी, लस्सी, जलजीरा, सत्तू, शरबत, आदि पिएं। खरबूज और तरबूज खाएं। हल्के रंग और ढीले कपड़े पहने। फास्ट फूड और बासी खाना खाने से बचें। क्लाउड सीडिंग के लिए भी आसमान में बादल होने चाहिए। दुबई ने क्लाउड सीडिंग करके देखा और दुबई का जो हाल हुआ, वह सभी को मालूम है। क्लाउड सीडिंग एक महंगी तकनीक है। इसमें कई खतरे भी हैं। बारिश कितनी होगी और कहां तक होगी, इसका कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। यह एक तरह से प्रकृति को चुनौती देने के बराबर है।