अमेरिकी वकील का दावा, एयर इंडिया विमान दुर्घटना की नजह आयी आगे
अहमदाबाद में एयर इंडिया की उड़ान (एआई-171) दुर्घटना में मारे गए ज़्यादातर अमेरिकियों के परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील माइक एंड्रयूज़ ने दावा किया है कि नए सबूतों से पता चलता है कि विमान में पानी के रिसाव के कारण शॉर्ट सर्किट होने से दुर्घटना हुई थी। इसमें पायलट की कोई गलती नहीं थी।
अमेरिकी अटॉर्नी एंड्रयूज ने सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम (FOIA) के तहत एक याचिका दायर कर दुर्घटनाग्रस्त विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) तक पहुँच की माँग की है। एंड्रयूज ने कहा कि उनके पास मौजूद सबूत बताते हैं कि विमान के पेयजल सिस्टम से पानी के रिसाव के कारण विद्युत शॉर्ट सर्किट हुआ। उन्हें संदेह है कि शॉर्ट सर्किट के कारण ईंधन नियंत्रण स्विच अपने आप बंद हो गए होंगे, जिससे दुर्घटना हुई। उन्होंने कहा कि दुर्घटना चालक दल की गलती के कारण नहीं हुई थी।
एंड्रयूज ने यह दावा फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) द्वारा बोइंग के कुछ विमानों जैसे 787-8, 787-9 और 787-10 के लिए जारी उड़ान निर्देशों के आधार पर किया था। इसमें कहा गया था कि फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा 14 मई, 2025 को जारी निर्देशों में कहा गया था कि उन विमानों के वॉटरलाइन कपलिंग में पानी के रिसाव के कई मामले सामने आए हैं। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई थी कि पानी के रिसाव के कारण विमान के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बे में नमी प्रवेश कर सकती है, जो उड़ान नियंत्रण प्रणालियों और एवियोनिक्स के लिए महत्वपूर्ण है। पानी के रिसाव से इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में शॉर्ट सर्किट हो सकता है। एफएए ने अपने निर्देशों में बोइंग कंपनी के कुछ बोइंग विमानों जैसे 787-8, 787-9 और 787-10 का स्पष्ट रूप से जिक्र किया था।