केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गोवा की राजधानी पणजी में गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत, केन्द्रीय मंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक, केन्द्रीय गृह सचिव, गोवा के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि गोवा पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि आठ दशकों की गौरवशाली सेवा के बाद गोवा पुलिस आज राष्ट्रपति जी द्वारा दिए गए इस निशान के साथ देश के कई अन्य पुलिस बलों की कतार में खड़ी है। श्री शाह ने कहा कि जिन राज्यों की पुलिस को प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया गया है, उन्हें उनके गौरवशाली इतिहास, पेशेवर उत्कृष्टता, साहस, अनुशासन और समर्पण के कारण ही यह सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि गोवा छोटा किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है। राज्य की रचना के साथ ही गोवा पुलिस को सुरक्षित शहर, सुरक्षित समुदाय और सुरक्षित समुद्री सीमा के दायित्व प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद गोवा पुलिस ने इन तीनों दायित्वों को सफलतापूर्वक निभाया और राष्ट्रीय सुरक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि विकसित राष्ट्र की पहली शर्त है कि उसकी आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि गोवा को आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा सुरक्षा का दायित्व निभाने का भी गौरव प्राप्त है। गोवा की लंबी समुद्री सीमा की रक्षा का भार गोवा पुलिस के कंधों पर है। इस दायित्व को कुशलतापूर्वक निभाते हुए गोवा पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा और मजबूत अर्थव्यवस्था में योगदान करने का उल्लेखनीय कार्य किया है।
इस अवसर पर गृह मंत्री ने कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने विशेष रूप से पुलिसकर्मियों बलराम शिंदे, अभिषेक शेर, शैलेश गांवकर और विश्वास बी. देयकर को नमन किया और कहा कि उनके समर्पण ने गोवा पुलिस को यह गौरव दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि वैश्विक कूटनीति में भारत की पहुँच दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। पिछले एक वर्ष में विश्व का कूटनीतिक परिदृश्य यूक्रेन-रूस युद्ध और फिर खाड़ी क्षेत्र में ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण गंभीर उथल-पुथल से गुज़रा। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक वर्ष में 22 देशों की यात्रा की और लगभग 15 देशों के राष्ट्राध्यक्ष भारत आए। श्री शाह ने कहा कि जब पूरी दुनिया अस्थिरता के कारण अपने आर्थिक विकास को लेकर संघर्ष कर रही थी, तब भारत ने निरंतर संवाद और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से अपनी आर्थिक गति को बनाए रखा। रक्षा, तकनीक, ऊर्जा, निवेश और व्यापार, इन सभी क्षेत्रों में ठोस समझौते किए गए।
गृह मंत्री ने कहा कि 2026 तक भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं। आज 38 देशों के साथ प्रभावी व्यापार व्यवस्था के रूप में ये समझौते स्थापित हो चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, ओमान, न्यूज़ीलैंड और यूरोपीय संघ के साथ किए गए समझौतों ने हमारे व्यापार को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि इस वर्ष की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय ऊँचाई तक पहुँची। उन्होंने कहा कि भारत ने केवल आर्थिक वृद्धि ही नहीं की है। वैक्सीन मैत्री, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों को विश्व के साथ साझा करना तथा आपदा राहत और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में अनेक देशों को सहायता देने जैसे कार्य भी भारत ने किए हैं।