अब दिलजीत दोसांझ के शो पर रोक, भाजपा को पंजाबियों से इतनी नफरत?- सौरभ भारद्वाज
नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी ने पंजाबी गायब दिलजीत दोसांझ को दिल्ली में शो करने की अनुमति नहीं मिलने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि क्या भाजपा को पंजाबियों से इतनी नफरत है कि अब उसकी दिल्ली पुलिस ने दिलजीत दोसांझ के शो को अनुमति नहीं दी। इससे पहले दिल्ली में दिलेर मेहंदी का अपमान किया गया और अब पंजाब की एक और बड़ी हस्ती के साथ ऐसा हो रहा है। दिलजीत दोसांझ ने किसान आंदोलन का समर्थन और छात्रों पर पुलिस की हिंसा का विरोध किया था। कहीं ऐसा तो नहीं है कि इसी की चलते दिलजीत दोसांझ को दिल्ली में शो करने की अनुमति नहीं दी गई? भाजपा सरकार का संदेश साफ है कि जो उसके खिलाफ बोलेगा, उसका काम-धंधा बंद करा देगी।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह भारत का दुर्भाग्य है कि यहां जो उद्योगपति पैसा कमा ले या जो स्टार बहुत बड़ा सुपरस्टार बन जाए, वह सरकार से डरने लग जाता है। ऐसा विदेशों या अमेरिका में नहीं देखा जाता। मगर दिलजीत दोसांझ उन चंद कलाकारों में से हैं, जिन्होंने किसानों के बॉर्डर पर बैठने पर उनके हक में आवाज उठाई। जब पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की, तो उन्होंने उनके लिए भी आवाज उठाई।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कंगना रनौत के साथ भी सोशल मीडिया पर उनकी काफी नोकझोंक हुई थी। जब उन्होंने पंजाब के आतंकवाद और पुलिस की बर्बरता पर सतलुज फिल्म बनाई, तो उसे भी सरकार ने यहां बैन कर दिया, जो कि बड़ा अप्रत्याशित था। इसके बावजूद पंजाब के लोगों ने घरों और मोहल्लों में स्क्रीन लगाकर उस फिल्म को देखा।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मेरा मानना है कि सरकार यह सब करके तमाम बड़े सुपरस्टार को एक मैसेज दे रही है कि अगर वे सरकार के खिलाफ होंगे, तो सरकार उनका काम-धंधा बंद कर देगी। मुझे लगता है कि इस तरह की कार्रवाइयों की वजह से दिलजीत दोसांझ युवाओं के सुपर हीरो बन जाएंगे।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि हमें ऐसे डरपोक सुपर हीरो नहीं चाहिए जो टाइगर श्रॉफ तक के लिए आवाज न उठा सकें। एक तरफ सुनील शेट्टी हैं, जो कहते हैं कि मैं जैकी श्रॉफ का सबसे अच्छा दोस्त हूं। उन्होंने इतनी लंबी बाइट दी, लेकिन उनके मुंह से उस गैंगस्टर और सरकार का नाम तक नहीं निकला। हिंदुस्तान को ऐसे डरपोक हीरो नहीं चाहिए, इन लोगों की कोई जरूरत नहीं है।
एक्स पर सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि दुर्भाग्य से लोकप्रिय भारतीय स्टार और बिजनेसमैन सरकार से डरते हैं, लेकिन दिलजीत दोसांझ जैसे असली हीरो ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और छात्रों पर पुलिस की हिंसा के खिलाफ आवाज उठाई। एक बहादुर सरदार हमेशा तानाशाहों के लिए परेशानी खड़ी करता है, जैसा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने किया था। सरकार ऐसे बहादुर पंजाबियों के खिलाफ भेदभाव रखती है और इसी वजह से उसने पहले उनकी फिल्म सतलुज पर भी बैन लगा दिया था, जो आतंकवाद के दौर में पंजाब पुलिस के अत्याचारों पर आधारित थी।
सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर कहा कि अब दिलजीत दोसांझ को दिल्ली में अपने कॉन्सर्ट के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। दलेर मेहंदी के बाद यह पंजाब की एक और बड़ी हस्ती के साथ हुआ है। दिल्ली पुलिस उन बाबाओं को तो अनुमति दे देगी जो नफरत का नैरेटिव फैलाते हैं, लेकिन उस यूथ आइकन को अनुमति नहीं देगी जो प्यार और पंजाब का नैरेटिव पेश करता है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भारत के मशहूर सितारे और कारोबारी सरकार से डरते हैं। दिलजीत दोसांझ जैसे असली नायकों ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और छात्रों पर पुलिस की हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई। एक बहादुर सरदार हमेशा तानाशाहों के लिए मुसीबत बनता है, जैसा कि शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने किया था। सरकार ऐसे बहादुर पंजाबियों के प्रति पक्षपाती है। इससे पहले सरकार ने उनकी फिल्म ‘सतलुज’ पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो उग्रवाद के दौर में पंजाब पुलिस के अत्याचारों पर आधारित थी।
वहीं, तिलक नगर से ‘‘आप’’ विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि यह सुरक्षा का मसला है या सिर्फ एक बहाना? जनता को सच जानने दें। सुरक्षा के नाम पर दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर के शो की परमिशन क्यों रद्द की गई? अगर सुरक्षा की चिंता थी, तो सही प्लानिंग के साथ इस मुद्दे को सुलझाया क्यों नहीं गया? कलाकार और म्यूजिक लवर कन्फ्यूजन नहीं, बल्कि स्पष्टता के हकदार हैं और जनता को जवाब चाहिए।
जरनैल सिंह ने आगे कहा कि सुनने में आ रहा है कि 30 अक्टूबर को दिल्ली में दिलजीत दोसांझ का जो शो होने जा रहा था, उसे सुरक्षा कारणों का हवाला देकर दिल्ली पुलिस द्वारा कैंसिल कर दिया गया है। अगर ऐसा है, तो यह दिल्ली पुलिस द्वारा किया गया बहुत ही शर्मनाक काम है। अगर सुरक्षा का कोई मसला है, तो फिर पुलिस किसलिए होती है? सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस का ही काम है।
जरनैल सिंह ने कहा कि दिलजीत दोसांझ को सिर्फ पंजाबी ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया में रहने वाले लोग चाहते हैं और उनके दुनिया भर में फॉलोअर हैं। क्या वह शख्स अपने ही देश की राजधानी में आकर परफॉर्म नहीं कर सकता? भाजपा यह किस तरह का सिस्टम बनाना चाह रही है?
जरनैल सिंह ने कहा कि कभी हम देखते हैं कि भाजपा के अधीन आने वाली दिल्ली पुलिस द्वारा बंगला साहिब गुरुद्वारे में विवाद खड़ा किया जाता है, तो कभी भाजपा के मंत्री द्वारा दिलेर मेहंदी का अपमान किया जाता है। अब दिल्ली पुलिस ने जो यह शर्मनाक काम किया है, उसके लिए पंजाबी भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे, क्योंकि ये सारे शर्मनाक काम भाजपा के इशारे पर ही हो रहे हैं। अगर भाजपा को लगता है कि इस तरह का दबाव डालने से पंजाबी उनसे डर जाएंगे, तो यह भाजपा की बहुत बड़ी गलतफहमी है।