भवान भरवाड़ के पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बयान पर AAP विधायक गोपाल इटालिया ने समझदारी भरी प्रतिक्रिया दी
आम आदमी पार्टी के विसावदर के विधायक गोपाल इटालिया ने वीडियो के माध्यम से बताया कि “‘गोपाल इटालिया को लकवा मार जाएगा’, ऐसा बयान ‘बनिये के लड़के’ की मौजूदगी में भरवाड़ के लड़के ने दिया। बनिया का लड़का गृह मंत्री है, तो भरवाड़ के लड़के को कहना चाहिए था कि पूरे गुजरात के बूटलेगरों को लकवा मार जाए। तो कितने ही बेटे बच जाते। कितनी ही बहनों के पति बच जाते। बार-बार जहरीली शराब कांड होने के कारण किसी को अपना पति, किसी को अपना पिता और किसी को अपना भाई खोना पड़ता है।
गोपाल इटालिया को नहीं, बल्कि बूटलेगरों को लकवा मार जाता तो गुजरात को उससे कुछ फायदा होता। हमने ऐसा क्या कह दिया, जिसके कारण आप हमारा मुंह बंद करवाना चाहते हैं? अभी तो हम देश के युवा के रूप में उभरकर खड़े हुए हैं और हमें लगा कि हमें अपने माता-पिता समान किसानों, खेत मजदूरों और पशुपालकों के बारे में बोलना चाहिए, तो हमने बोला और हमें लकवा मारने की बात होने लगी। पूरे गुजरात के गांव-गांव में भाजपा के गुंडों ने गौचर पर मकान बना दिए हैं। लेकिन उन लोगों को लकवा मार जाएगा, ऐसी बातें नहीं होंगी। लेकिन गोपाल को लकवा मार जाए, ऐसी बात की जाएगी, क्योंकि गोपाल बोलता है और लड़ता है।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया ने बताया कि लड़ने वाले लोगों को लकवा मार जाएगा तो क्या चापलूसी करने वाले लोगों को मेडल मिलेंगे? मैं विधानसभा सत्र में घास के पूले लेकर पहुंचा था और मांग की थी कि किसानों, पशुपालकों और मालधारियों को सूखा पैकेज के तहत राहत दी जाए। भवानभाई भरवाड़ को बनिये के लड़के की मौजूदगी में उसके मुंह पर कहना चाहिए था कि “बारिश नहीं होने के कारण हमारे मालधारियों को पलायन करना पड़ता है, गुजरात में ऐसा माहौल है। तुम ये सारी फांकाफौजदारी छोड़ो और पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था करो..” मैं पढ़-लिखकर, उतार-चढ़ाव देखकर राजनीति में आया और समाज तथा किसानों के आशीर्वाद से विधायक बना। तो भरवाड़ समाज के भी दो-चार युवा विधायक बनें, बोर्ड-निगम के चेयरमैन बनें, ऐसा प्रयास करना चाहिए।
आपको वहां कहना चाहिए था कि “आखिर कब तक हमारा समाज JCB के डंडे चलाएगा? हमें पेन चलानी है, हमें कमिश्नर बनना है, मंत्री बनना है, अधिकारी बनना है।” लेकिन भरवाड़ के लड़के ने ऐसा नहीं कहा। बनिया का लड़का मंत्री बना तो भरवाड़ का लड़का भी मंत्री बने, ऐसी मांग और भावना मंच से क्यों नहीं रखी गई? ऐसी कोई मांग की होती तो पांच-पच्चीस पढ़े-लिखे और संघर्ष कर रहे युवाओं को कुछ अवसर मिल जाता। तो हम सभी लोग मिलकर समाज के पढ़े-लिखे और सक्षम युवाओं को राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में आगे बढ़ने का अवसर कैसे मिले, इस पर चर्चा करें और मिलकर प्रयास करें। आप मुझे आमंत्रित करें, मैं आपके घर आऊं, आपके अनुभवों से मार्गदर्शन लूं, एक युवा के रूप में अपने अनुभव आपके साथ साझा करूं और मिलकर नई पीढ़ी के युवाओं को राजनीति और प्रशासनिक तंत्र में आगे बढ़ने का रास्ता कैसे मिले, इसकी कोई योजना बनाएं।