दिल्ली में आली गांव के दलितों का घर तोड़ने पर अमादा भाजपा सरकार के खिलाफ ‘‘आप’’ का हल्ला बोल
दिल्ली के आली गांव में दलितों का घर तोड़ने पर अमादा भाजपा सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ‘‘आप’’ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में विधायक अमानतुल्लाह खान और कुलदीप कुमार के साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता आली गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के फैसले का विरोध किया। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आली गांव में वर्षों से सैकड़ों दलित परिवार रहे रहे हैं। यह गांव दिल्ली के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन यूपी सरकार का सिंचाई विभाग अपनी जमीन बताकर गांव उजाड़ना चाहता है। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना सरकार की गुंडागर्दी है। पहले भाजपा सरकार ने दिल्ली में एक तिहाई लोगों के वोट काट दिए और अब उनके घर उजाड़ने जा रही है।
आली गांव दौरे पर पहुंचे सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बच्चे और पूरे परिवार के साथ लोग यहां रह रहे हैं, लेकिन सरकार को इन लोगों के ऊपर बुलडोजर चलाते हुए बिल्कुल भी रहम नहीं आएगा। यह कैसी सरकार है? यह सरकार तो इन लोगों के लिए ही बनाई गई थी और इन्हीं लोगों से वादे किए गए थे। यह कोई झुग्गियां नहीं हैं, यह लोगों के प्रॉपर मकान हैं। सरकार ऐसे कैसे बुलडोजर चला सकती है, ये लोग कहां जाएंगे? लोगों ने अपनी पूरे जीवन की संपत्ति बेचकर मकान बनाया और सरकार उस मकान पर ऐसे ही बुलडोजर चला देगी। यह पूरी तरह से नाइंसाफी और गुंडागर्दी है। यह दिल्ली से गरीबों को भगाने की एक सुनियोजित योजना है। पहले एक-तिहाई लोगों के वोट काट दिए गए और अब उनके घर व कारोबार उजाड़े जा रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सैकड़ों वर्षों से आली गांव है। सरकार यह कैसे तय कर सकती है कि वह इस पर बुलडोजर चला देगी? इन लोगों के बच्चे, पूरे परिवार, स्कूल और नौकरियां हैं, इनका क्या होगा? यह सरकार इन लोगों से वादा करके आई थी कि इनके लिए अच्छा करेगी, मगर पिछले दो साल में इन्होंने लाखों लोगों को बेघर कर दिया। इन्होंने लोगों को आंसू दिए हैं और इनके दिल में किसी के लिए कोई तरस नहीं है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यहां 90 फीसद लोग दलित समाज से हैं और यहां जय भीम के नारे लग रहे हैं। क्या भाजपा दलितों को हिंदू नहीं मानती? इन दलितों को बड़ी मुश्किल से सिर छिपाने की जगह मिली थी, सरकार उसे भी उजाड़ देगी। सरकार नहीं चाहती कि ये लोग दिल्ली में रहें, वह चाहती है कि सब लोग दिल्ली छोड़कर वापस चले जाएं। यह बहुत गलत है और इसका जवाब सरकार को देना होगा। लोग सड़कों पर उतरेंगे और सरकार से सवाल पूछेंगे।
वहीं, ओखला के विधायक अमानतुल्लाह खान ने कहा कि मेरी विधानसभा में आली गांव का यह आखिरी हिस्सा है। इसके बाद बदरपुर शुरू हो जाता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग यहां तकरीबन 2,000 घरों को तोड़ना चाहता है, जबकि यह एरिया और अधिकार क्षेत्र दिल्ली का है। आधे से ज्यादा आली गांव लाल डोरा के अंदर आता है, जहां लोग 100 से 150 साल से भी ज्यादा समय से रह रहे हैं और कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जो 50 साल से कम समय से रह रहा हो। आज यूपी सरकार को याद आ रहा है कि यह जमीन उनकी है, लेकिन वे इस जमीन का क्या करेंगे?
अमानतुल्लाह खान ने कहा कि यहां रहने वाले 90 फीसद लोग दलित समाज से हैं। यहां लगभग 2,000 परिवार हैं जिनमें 15,000 से ज्यादा लोग, बूढ़े, महिलाएं, बच्चे और जवान रहते हैं, वे लोग कहां जाएंगे? बच्चों के पेपर चल रहे हैं और सरकार उन्हें उजाड़ रही है। यूपी के सिंचाई विभाग को अगर जमीन की जरूरत है तो उनके पास यहां न जाने कितनी हजारों बीघे जमीन है, लेकिन वे उस पर कुछ नहीं कर रहे।
अमानतुल्लाह खान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि वह दलित विरोधी क्यों हैं? क्या दलित हिंदू नहीं हैं? भाजपा कहती है कि वह हिंदुओं की हितैषी है, तो क्या दलित समाज के लोग हिंदू भाई नहीं हैं, वे उन्हें क्यों उजाड़ना चाहते हैं? यूपी सरकार का सिंचाई विभाग ही कोर्ट गया है और बड़े से बड़ा वकील खड़ा करके इन गरीबों को उजाड़ना चाहता है।
अमानतुल्लाह खान ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ या दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को यहां कोई कॉलेज, रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट बनाना है, तो उनके पास बहुत जमीन है। यह एक छोटी सी जगह है जिसमें 2,000 गरीबों के मकान हैं, जो बेरोजगारी और महंगाई से परेशान हैं। अगर सरकार इनका आशियाना भी उजाड़ देगी, तो इनके पास रोने के अलावा क्या बचेगा? केंद्र में हो, दिल्ली में हो या यूपी में बैठी हो, भाजपा की सरकारें दलित विरोधी हैं और इसका प्रमाण यह है कि वे करीब 15,000 लोगों को एक झटके में बेघर करना चाहते हैं।
उधर, कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार दलित विरोधी है, जो गरीबों और दलितों के मकानों को उजाड़ने की बात करती है। चुनाव से पहले यह सरकार अपने मेनिफेस्टो में कहती थी कि जहां झुग्गी, वहीं मकान होगा और दावा करती थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सारी कॉलोनियों को पक्का कर दिया है।
कुलदीप कुमार ने सवाल किया कि अगर मोदी जी ने सारी कॉलोनियां पक्की कर दी हैं, तो यह कॉलोनी कच्ची कैसे रह गई और सरकार गरीबों के खिलाफ जाकर इसे क्यों तोड़ रही है? जब गरीबों और दलितों के मकान टूट रहे हैं, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहां सोई हुई हैं? भाजपा सांसद हर्ष मल्होत्रा और रामवीर सिंह बिधूड़ी कहां हैं? ये लोग यहां इसलिए नहीं आएंगे क्योंकि ये दलित समाज के लोगों के मकान हैं। सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दलितों के मकान टूटें या उनकी बच्चियों के साथ रेप हो। ये लोग आराम से अपने घरों में सो रहे हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि अगर आली गांव का एक भी मकान टूटेगा, तो भाजपा सरकार को आम आदमी पार्टी के ऊपर से गुजरना पड़ेगा। हम संघर्ष करेंगे और यहां किसी भी गरीब आदमी का एक भी मकान टूटने नहीं देंगे। आज दिल्ली में चार इंजन की भाजपा सरकार का सबसे बड़ा नुकसान अगर किसी को हो रहा है, तो वह दलित समाज के लोगों को हो रहा है। आज दिल्ली और यूपी दोनों जगह भाजपा की सरकार है और दोनों सरकारें व उनकी पुलिस फोर्स मिलकर गरीबों और दलितों के मकान उजाड़ रही हैं।
कुलदीप कुमार ने कहा कि यह एक दलित विरोधी सरकार है, लेकिन हम पूरे आली गांव के साथ खड़े हैं। आम आदमी पार्टी यहां डटी हुई है और जब तक लोगों के मकान नहीं बच जाते, हम अंतिम दम तक डटे रहेंगे।