गांधीनगर में भाजपा के 12 भ्रष्ट उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द करने के लिए आम आदमी पार्टी चुनाव आयोग में शिकायत
गांधीनगर में आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोजभाई सोरठिया, प्रदेश लीगल सेल अध्यक्ष एडवोकेट प्रणवभाई ठक्कर और प्रदेश लीगल सेल उपाध्यक्ष एडवोकेट मेहुलभाई श्रीमाली ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए ‘आप’ नेता मनोज सोरठिया ने बताया कि, गांधीनगर की जनता इस बार परिवर्तन करने का मन बना चुकी है। पिछली बार गांधीनगर में भारतीय जनता पार्टी के करीब 41 कॉर्पोरेटर चुने गए थे, लेकिन गांधीनगर की जनता के सामने उनके एफिडेविट में सभी प्रकार की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके संबंध में चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजे थे। जब कोई जनप्रतिनिधि या उम्मीदवार चुनाव आयोग को गुमराह करता है, तब कानून में उन्हें छह साल तक अयोग्य ठहराने का प्रावधान है। पांच साल के दौरान हुई करीब 22 सुनवाइयों में भाजपा के कुछ कॉर्पोरेटर उपस्थित नहीं हुए थे या कोई उचित जवाब नहीं दे पाए थे। इसके बावजूद, इनमें से पिछले कार्यकाल में रहे करीब 12 उम्मीदवारों को भाजपा ने इस बार गांधीनगर में फिर टिकट दिया है।
भाजपा को अपने लोग चाहे जितने कानून तोड़ें या भ्रष्टाचार करें, उससे कोई लेना-देना नहीं है। जिन्होंने खुलेआम चोपड़े पर लिखित में भ्रष्टाचार किया है, ऐसे लोग गांधीनगर को भ्रष्टाचार मुक्त शासन कैसे दे सकते हैं? भाजपा के सत्ताधीशों ने पिछले पांच वर्षों में केवल भ्रष्टाचार करने का ही काम किया है। इसलिए आज हम आम आदमी पार्टी के तौर पर चुनाव आयोग को लिखित में शिकायत देने जा रहे हैं कि इन 12 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द की जाए, क्योंकि वे अपने ऊपर लगे आरोपों के जवाब नहीं दे पाए थे। चुनाव आयोग को इन लोगों को अमान्य ठहराना चाहिए। गांधीनगर की जनता से भी हम विनती करते हैं कि अदालत में शायद सजा न हुई हो, लेकिन अब यह मामला जनता की अदालत में है; इसलिए फर्जी एफिडेविट करने वाले इन लोगों को वोट न दें। इस मामले में हम चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ी तो न्याय के दरवाजे भी खटखटाएंगे। अगर ऐसे लोगों की उम्मीदवारी बाद में रद्द होती है और फिर चुनाव आता है तो हमारे टैक्स के पैसे बर्बाद होंगे। इसलिए ऐसे लोगों को वोट नहीं देना चाहिए और गांधीनगर महानगरपालिका को बचाने के लिए आम आदमी पार्टी को वोट देने की सभी मतदाताओं से विनती करता हूं।
‘आप’ नेता मनोज सोरठिया ने आगे बताया कि पिछले 30 वर्षों से आम आदमी पार्टी गुजरात में नहीं थी; अगर कांग्रेस भाजपा को हरा पाने में सक्षम होती, तो इन 30 वर्षों में एक बार तो कांग्रेस की सरकार बनी होती। कांग्रेस की सरकार नहीं बनी इसका कारण यह है कि गुजरात के लोगों को कांग्रेस पसंद नहीं है और वह एक मजबूत विपक्ष के तौर पर भी विफल रही है। इसके कारण आम आदमी पार्टी जैसी नई पार्टी के लिए जगह बनी है। ‘गुजरात में तीसरी पार्टी नहीं चलती’ ऐसी बातें होती थीं, इसके सामने आज आम आदमी पार्टी गुजरात की अपनी पार्टी बन गई है और लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। हमारी पार्टी मजबूती से सभी चुनाव लड़कर लोगों के वोट प्राप्त कर रही है।
हमारा काम जनता के सामने सही विवरण और मुद्दे रखना है, और हम केवल मुद्दों की राजनीति करते हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार आम आदमी पार्टी गांधीनगर में भाजपा और कांग्रेस से अधिक वोट प्राप्त करके महानगरपालिका की बॉडी बनाएगी। पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए मनोज सौरठिया ने बताया कि, गुजरात के सामाजिक वातावरण में किसी भी राजनेता की पहली प्राथमिकता मुद्दों की राजनीति करना होनी चाहिए। जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों, मूल मुद्दे भूल जाएं या जातिवाद का जहर फैले ऐसा कोई भी काम किसी भी राजनेता या सामाजिक नेता को नहीं करना चाहिए।